सिर्फ़ तुम: कविता संग्रह प्रेम, स्मृतियों, संवेदनाओं और जीवन के अनकहे एहसासों से सजा एक भावपूर्ण काव्य-संग्रह है। इस पुस्तक की प्रत्येक कविता दिल की गहराइयों से निकले उन जज़्बातों को शब्द देती है जिन्हें अक्सर महसूस तो किया जाता है, पर व्यक्त नहीं किया जा सकता। प्रेम, विरह, उम्मीद, आत्मचिंतन और रिश्तों की खूबसूरती को सरल, सजीव और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करती यह कृति पाठकों को भावनाओं की एक अनूठी यात्रा पर ले जाती है। यह संग्रह हर उस हृदय के लिए समर्पित है जिसने कभी किसी को पूरे मन से चाहा हो और उन यादों को आज भी संजोए रखा हो।








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